धान औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं किसान

शुभम सौरभ
गिरिडीह । गिरिडीह ज़िले में पिछले साल रिकॉर्ड 6.50 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई थी। इस साल नवंबर माह खत्म हो गए, पर अबतक जिले में धान क्रय केंद्र नहीं खुल सका, जबकि धनकटनी का काम पिछले एक माह से अधिक समय से जारी है। अधिकांश खेतों में धनकटनी का काम खत्म हो गया। धान क्रय केंद्र नहीं खुलने के कारण किसान औने-पौने दाम में बिचौलिए के हाथों धान बेच रहे हैं। पिछले 15 दिनों से बिचौलिए विभिन्न गांवों में किसानों के खलिहान पहुंचे रहे हैं और 1100 से 1200 रुपए क्विंटल धान खरीद रहे हैं। पिछले साल सरकार द्वारा बोनस समेत धान की कीमत 2050 रुपए क्विंटल निर्धारित किया गया था। इस साल धान की दर अधिक बढ़ने की उम्मीद किसान लगाए बैठे है, लेकिन धान क्रय केंद्र खुलने में विलंब के कारण कई किसान बिचौलिए के हाथों धान बेच रहे हैं। किसानों का कहना है कि आखिर विभाग कब धान क्रय केंद्र खोलेगा। किसानों का कहना है कि विभाग अगर समय से धान क्रय केंद्र खोल दे, तो किसान क्रय केंद्र में ही धान बेचते, लेकिन विभाग ऐसे समय पर क्रय केंद्र खोलेगा, जब अधिकांश किसानों का धान बाजार में बिक जाएगा। किसान दिलीप मंडल, अशोक यादव, दिनेश कुमार, बुधन महतो आदि ने कहा कि धान लगाने से काटने तक में समस्या हुई है। धान रखने को लेकर ठोस व्यवस्था नहीं रहने के कारण वे लोग ज्यादा दिन तक खलिहान में धान नहीं रख सकते हैं। अगर बारिश हो गई, तो जो भी धान उपजाए हैं, वे भी बर्बाद हो जाएंगे, इसलिए धान बिचौलिए को देना मजबूरी है। इधर, मोतिलेदा, कर्णपुरा , पाण्डेयडीह , अकदोनी, मटरुखा, बरहमोरिया , द्वारपहरी समेत अन्य जगहों पर हर दिन धान खरीदने के लिए बिचौलिए वाहन लेकर पहुंच रहे हैं और किसानों से धान खरीद रहे हैं। कई किसानों का यह भी कहना है कि उन्होंने जब भी क्रय केंद्र में धान बेचा है, उन्हें पैसे के लिए काफी इंतजार करना पड़ा है। इस कारण भी धान क्रय केंद्र में वे लोग धान बेचना नहीं चाहते हैं। कहा कि खेती-किसानी के लिए नकद पैसे की जरूरत पड़ती है। इधर डीएसओ गौमत भगत ने बताया कि धान क्रय केंद्र का चयन कर लिया गया है। जिले में अभी 50 क्रय केंद्र का चयन किया गया है। जरूरत पड़ने पर और केंद्र का चयन किया जाएगा। सरकार से आदेश आने के बाद धान क्रय केंद्र खोला जाएगा।

 

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